ऑनलाइन सुरक्षित रहें
ShubhamMangalam.com का उद्देश्य है कि आप सुरक्षित माहौल में अपना जीवनसाथी खोज सकें। जो लोग हमारी जाँच से निकल जाते हैं, उनके लिए भी हमारे पास सख़्त दुरुपयोग-रोकथाम और शिकायत प्रणाली है। फिर भी आपकी सुरक्षा और गोपनीयता में हम केवल वही कर सकते हैं जो हमारे नियंत्रण में है, इसलिए कुछ सरल सावधानियाँ आपको भी बरतनी होंगी।
अपनी गोपनीयता की रक्षा के लिए ये सरल दिशानिर्देश अपनाएँ।
[1]. अपनी पहचान सुरक्षित रखें:
हमारी गुमनाम संपर्क व्यवस्था (जुड़ने का निमंत्रण भेजना, स्वीकार/अस्वीकार करना) यह सुनिश्चित करती है कि आपकी पहचान तब तक सुरक्षित रहे जब तक आप स्वयं उसे साझा न करें।
A. करें
याद रखें कि आपका ऑनलाइन अनुभव हर समय आपके नियंत्रण में है। अपनी पसंद के अनुसार गोपनीयता सेटिंग तय करें।
B. न करें
शुरुआती संदेशों में नाम, ईमेल, घर का पता, फ़ोन नंबर, कार्यस्थल या कोई भी पहचान बताने वाली जानकारी न लिखें।
जब तक आपका मन न कहे कि सामने वाला भरोसे लायक है, संपर्क जानकारी न भेजें।
[2]. धीरे शुरू करें — पहले ईमेल से बात करें:
बातचीत के लिए अलग ईमेल खाता बनाएँ। अपने अंतर्मन पर भरोसा रखें और शुरुआत में केवल ईमेल पता साझा करें और ईमेल से ही बात करें।
A. करें
अजीब व्यवहार या असंगतियों पर ध्यान दें। गंभीर लोग आपकी जगह का सम्मान करते हैं और आपको समय देते हैं।
किसी मित्र से मिले ईमेल पढ़वाएँ — निष्पक्ष नज़र वह संकेत पकड़ सकती है जो आपसे छूट गए।
जो व्यक्ति निजी जानकारी के लिए दबाव डाले या आपको बहकाने की कोशिश करे, उससे बात बंद कर दें।
B. न करें
ईमेल के सिग्नेचर में फ़ोन नंबर और पता न रखें।
जिसे आप अच्छी तरह नहीं जानते, उससे बात के लिए अपना नियमित या दफ़्तर का ईमेल उपयोग न करें।
[3]. फ़ोटो माँगें:
फ़ोटो से व्यक्ति के रूप-रंग का अंदाज़ा मिलता है, जो आपके मन की राय बनाने में मदद करता है।
A. करें
फ़ोटो माँगें। बेहतर है कि अलग-अलग माहौल की कई फ़ोटो देखें — सामान्य, औपचारिक, घर के अंदर और बाहर की।
यदि फ़ोटो न दिखाने के बहाने ही मिलें, तो सोचें कि शायद कुछ छिपाया जा रहा है।
[4]. फ़ोन पर बात करें:
फ़ोन कॉल से व्यक्ति की बातचीत और व्यवहार के बारे में काफ़ी पता चलता है। अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें और अजनबी को अपना निजी नंबर न दें।
A. करें
प्रीपेड मोबाइल नंबर इस्तेमाल करें। नंबर तभी दें जब आप पूरी तरह सहज हों और सामने वाले के बारे में कुछ जानकारी हो।
यदि कोई अजीब एरिया कोड वाला नंबर दे, तो कॉल से पहले जाँच लें कि वह प्रीमियम-चार्ज नंबर तो नहीं है।
[5]. मिलें तब, जब आप तैयार हों:
ऑनलाइन मिलने की खूबी यही है कि आप धीरे-धीरे जानकारी जुटा सकते हैं और बाद में तय कर सकते हैं कि रिश्ता आगे बढ़ाना है या नहीं। किसी से मिलना ज़रूरी नहीं। अपनी गति से चलें!
A. करें
याद रखें कि ऑनलाइन रिश्ते को ऑफ़लाइन ले जाने का फ़ैसला आपके हाथ में है।
मुलाक़ात तय हो जाने पर भी आपको मन बदलने का हक़ है। खुद पर भरोसा रखें और अपने अंतर्मन की सुनें।
[6]. सुरक्षित जगह पर मिलें:
ऑफ़लाइन मिलते समय अच्छा होगा कि एक या दोनों परिवार साथ हों। यदि अकेले मिलना भी हो, तो किसी मित्र या परिजन को बताकर जाएँ कि कहाँ जा रहे हैं और कब लौटेंगे।
A. करें
पहली मुलाक़ात ऐसी सार्वजनिक जगह (रेस्टोरेंट/कैफ़े) पर रखें जहाँ भीड़ हो, और आने-जाने का साधन अपना रखें।
पहली मुलाक़ात अकेले न करें। किसी मित्र या रिश्तेदार को साथ लें और सामने वाले से भी यही कहें।
अकेले मिलने पर उस व्यक्ति का नाम, पता और फ़ोन नंबर किसी मित्र/परिजन के पास छोड़ें और मोबाइल साथ रखें।
B. न करें
होने वाले साथी को कभी अपने आने-जाने का साधन न बनने दें।
पहली मुलाक़ात में सुनसान जगह या फ़िल्म देखने अकेले न जाएँ।
[7]. चेतावनी के संकेतों पर नज़र रखें:
A. करें
खूब सवाल पूछें और असंगतियों पर ध्यान दें। इससे झूठ और धोखे का पता चलता है और तालमेल भी समझ आता है।
गुस्से, तीव्र झुंझलाहट, या आप पर दबाव/नियंत्रण की कोशिश पर ध्यान दें। चिढ़ भरा व्यवहार, अपमानजनक टिप्पणियाँ या कोई भी अनुचित शारीरिक व्यवहार चेतावनी के संकेत हैं।
जीवनसाथी की खोज में परिवार या करीबी मित्रों को शामिल रखें और अकेले फ़ैसला न लें।
B. न करें
इन बातों को अनदेखा न करें, खासकर बिना ठोस कारण के: उम्र, रुचियों, रूप-रंग, वैवाहिक स्थिति, पेशे या नौकरी के बारे में बदलती जानकारी।
सीधे सवालों के सीधे जवाब न देने वाले को अनदेखा न करें।
जो व्यक्ति मिलने पर अपने ऑनलाइन रूप से काफ़ी अलग निकले, उसे अनदेखा न करें।
जो आपको कभी अपने मित्रों, सहकर्मियों या परिवार से न मिलवाए, उसे अनदेखा न करें।
[8]. पैसों की ठगी से सावधान रहें:
ठग हर जगह हैं। कोई सच्चा व्यक्ति किसी भी परिस्थिति में आपसे पैसे नहीं माँगेगा।
A. करें
जो भी किसी कारण से पैसे माँगे उससे सावधान रहें — बातचीत बंद कर देना सबसे सुरक्षित है। समझदारी से काम लें और ऐसी माँग कभी पूरी न करें।
यदि कोई पैसे माँगे, तो हमें बताएँ।
भरोसेमंद व्यक्ति चुनने के लिए जितना समय चाहिए लें और हर कदम पर ध्यान रखें।
B. न करें
सबसे पुरानी चाल में न फँसें — जो पहले ही दिन खूब प्यार जताकर बाद में गायब हो जाते हैं।
किसी के बहुत जल्दी करीब न आएँ, भले ही वह नज़दीकी सिर्फ़ ऑनलाइन हो। आपकी अपनी समझ ही सबसे बड़ा सहारा है।
[9]. शिकायत दर्ज करने के चरण:
- संबंधित प्रोफ़ाइल पर जाकर उस प्रोफ़ाइल के विरुद्ध दुरुपयोग की रिपोर्ट करें।
- हमारा सेफ़्टी डेस्क शिकायत पर कार्रवाई करेगा।
- शिकायत प्राप्त होने और की गई कार्रवाई की जानकारी आपके पंजीकृत ईमेल पर भेजी जाएगी।
- किसी भी escalation के लिए अपना टिकट आईडी लेकर हमारे शिकायत अधिकारी को यहाँ लिखें: grievance@shubhammangalam.com
ShubhamMangalam.com धोखाधड़ी करने वाले उपयोगकर्ताओं से निपटने के लिए पुलिस (साइबर क्राइम जाँच प्रकोष्ठ) या किसी भी वैधानिक जाँच एजेंसी को, उनके विशिष्ट निर्देश पर, हरसंभव सहायता देने का प्रयास करेगा।
[10]. शिकायत निवारण:
किसी दुरुपयोग की आशंका या धोखाधड़ी की सूचना के लिए ऊपर दिए चरण अपनाएँ और अपने मामले का पूरा ब्योरा हमें लिखें।
